क्या आप जानते हैं कि साइबर क्राइम अब सिर्फ फिल्मों या कल्पना तक सीमित नहीं रहा? हाल ही में दिल्ली पुलिस ने एक चौंकाने वाली कार्रवाई में थाईलैंड से इंटरनेशनल साइबर एक्सटॉर्शन रैकेट चलाने वाले 3 लोगों को पकड़ लिया, जिनमें एक London School of Economics (LSE) का ग्रैजुएट भी था।
क्या हुआ दिल्ली में? LSE ग्रैजुएट समेत 3 गिरफ्तार
2023 की एक नई और गंभीर घटना में, दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध की दुनिया में एक बड़ा झटका मारा। तीन लोगों को थाईलैंड से चल रहे साइबर एक्सटॉर्शन रैकेट के लिए गिरफ्तार किया गया है, जिसमें से एक आरोपी LSE का पोस्ट-ग्रैजुएट था। इस रैकेट में वे लोग व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट डेटा का दुरुपयोग करके लोगों से भारी रकम की मांग करते थे।
इंटरनेशनल साइबर एक्सटॉर्शन रैकेट क्या है?
इंटरनेशनल साइबर एक्सटॉर्शन का मतलब है किसी व्यक्ति या संस्था को डिजिटल माध्यम से धमकी देना और पैसे मांगना। यह धमकी कई रूपों में हो सकती है जैसे कि:
- व्यक्तिगत डाटा लीक करने की धमकी
- सेंसिटिव व्यवसायिक सूचना को सार्वजनिक करने की धमकी
- फर्जी या नकली दस्तावेज भेजकर डराना
ऐसे अपराधी तकनीक का इस्तेमाल करके सीमा पार से भी अपराध कर सकते हैं, जिससे पकड़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
Delhi Police की कार्रवाई कैसे हुई?
दिल्ली पुलिस ने अपनी साइबर विंग के तहत इन तीनों आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की। विस्तृत जांच के बाद पता चला कि वे थाईलैंड से काम कर रहे हैं और भारत में लोगों को निशाना बना रहे हैं। साथ ही, गिरफ्तार आरोपी की पढ़ाई और प्रोफाइल ने दुआरो पुलिस के जांच को और भी आवेग दिया।
क्या हम सुरक्षित हैं?
साइबर एक्सटॉर्शन की घटनाएं बढ़ रही हैं, तो क्या हमें डरना चाहिए? नहीं, बस सावधानी की जरूरत है। कुछ जरूरी टिप्स:
- अपनी निजी और वित्तीय जानकारी को ऑनलाइन साझा करते वक्त सोच समझकर करें।
- संदिग्ध ईमेल, कॉल या मैसेज से सावधान रहें।
- किसी भी तरह की धमकी आने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।
- अपने डिजिटल उपकरणों को हमेशा अपडेट रखें और मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
क्या यह घटना सबके लिए सीख है?
बिल्कुल, इस घटना से हमें यह समझना चाहिए कि साइबर धोखाधड़ी अब पारंपरिक सीमाओं को पार कर चुकी है। चाहे आप कहीं भी हों, हमेशा सचेत और तैयार रहना जरूरी है। इसके साथ ही, यह भी दिखाता है कि अपराधी कितने चालाक और शिक्षा प्राप्त होते जा रहे हैं, इसलिए हमें और भी जागरूक बनना होगा।
आप क्या सोचते हैं?
क्या आपने या आपके जानने वालों को कभी साइबर उत्पीड़न या एक्सटॉर्शन का सामना करना पड़ा है? आपके विचार और अनुभव हमारे साथ साझा करें। यह चर्चा हम सबके लिए उपयोगी रहेगी।
तो अगली बार जब आप ऑनलाइन हो, तो याद रखें कि सुरक्षा से समझौता न करें। साइबर अपराध से बचना सबकी जिम्मेदारी है।
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