क्या आपको पता है कि बिहार के साइबर ठगों को पाकिस्तान से ठगी करने की ट्रेनिंग मिल रही है? जी हां, यह सच है। हाल ही में 400 सदस्यों के एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसमें उत्तर प्रदेश के युवा भी शामिल हैं। साइबर अपराधों के इस जाल में फंसते रोजाना हजारों लोग हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इस गिरोह के बारे में और इससे कैसे बचा जा सकता है।
बिहार के साइबर ठगों का पाकिस्तानी कनेक्शन
यह गिरोह सिर्फ साइबर अपराधों तक सीमित नहीं है बल्कि पाकिस्तान से भी कनेक्टेड है, जहां उन्हें ठगी के नये-नये तरीके ट्रेनिंग के जरिए सिखाए जाते हैं। ये ठग सोशल मीडिया, फेक कॉल और मैसेज के जरिए मासूम लोगों को निशाना बनाते हैं।
कैसे होती है यह ठगी?
- फिशिंग स्कैम: ईमेल या मैसेज के जरिए व्यक्तिगत और बैंक से जुड़े विवरण चुराना।
- फर्जी वेबसाइट: फर्जी साइट बनाकर यूजर से नकली खरीदारी कराना या बैंक डिटेल्स लेना।
- सोशल इंजीनियरिंग: लोगों का भरोसा जीतकर पैसे या जानकारी निकालना।
यूपी के युवा कैसे जुड़े हैं इस गिरोह में?
उत्तर प्रदेश के कई युवा भी इस गिरोह से जुड़े पाए गए हैं। आर्थिक तंगी और रोजगार की कमी का फायदा उठाकर ठग उन्हें ऑनलाइन ठगी के काम में लगाते हैं। ये युवा खुद भी ठगी के हथियार बन जाते हैं और नई पीढ़ी को भी फंसा लेते हैं।
यह गिरोह कैसे चलता है?
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए संदिग्ध कॉल और मैसेज भेजना।
- भ्रामक डील या नौकरी के झांसे में फंसा कर जानकारी प्राप्त करना।
- पाकिस्तानी ट्रेनर्स से निरंतर ट्रेनिंग और नए प्लान बनाना।
साइबर अपराध से बचाव के टिप्स
तो अगर आप भी ऑनलाइन सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो ये कुछ जरूरी बातें अपनाएं:
- अपने व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा करें।
- कभी भी अनजान नंबर या ईमेल से आए लिंक पर क्लिक न करें।
- अपने बैंक खाते और पासवर्ड को हमेशा सुरक्षित रखें।
- संदिग्ध कॉल्स या मैसेज की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
- ऑनलाइन शॉपिंग करते समय आधिकारिक वेबसाइट ही उपयोग करें।
क्या अब कोई सुरक्षित है?
साइबर ठगी के मामले दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं। सरकार और साइबर पुलिस भी इस पर कड़ी नजर रख रहे हैं, पर खतरा अभी भी बना हुआ है। इसलिए ऑनलाइन सावधानी रखना ही बेहतर है। क्या आप भी कभी ऐसी ठगी का शिकार हुए हैं? अगर हां, तो अपने अनुभव कमेंट में जरूर शेयर करें।
निष्कर्ष
बिहार के साइबर ठगों को पाकिस्तान से ठगी की ट्रेनिंग मिलना एक गंभीर चुनौती है, जो उत्तर प्रदेश के युवाओं तक फैली हुई है। यह गठजोड़ साइबर अपराधों को और बढ़ावा देता है। हमें सजग रहना होगा और साथ ही अपने आस-पास के लोगों को भी जागरूक करना होगा। याद रखिए, सावधानी में ही सुरक्षा है।
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