बिहार के साइबर ठगों को पाकिस्तान से ठगी की ट्रेनिंग, 400 का बड़ा गिरोह

सोचिए अगर आपके आस-पास के कोई युवक अचानक ऑनलाइन ठगी करने लगे और पता चले कि उसे ट्रेनिंग पाकिस्तान से मिली है! हैरानी की बात है लेकिन ये सच है। बिहार के साइबर ठग पाकिस्तान से ठगी की ट्रेनिंग लेकर एक बड़े गिरोह का हिस्सा बन गए हैं, जिसमें करीब 400 लोग शामिल हैं और इस गिरोह में यूपी के भी कई युवा जुड़े हुए हैं।

बिहार के साइबर ठगों की पाकिस्तान से ठगी की ट्रेनिंग का सच

पिछले कुछ महीनों में बिहार पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स ने एक बड़ी ठगी सीरीज का पर्दाफाश किया है। जांच में पता चला कि ये साइबर ठग पाकिस्तान से डिजिटल ठगी के गुर सीख रहे थे। ये गिरोह भारत के कई राज्यों में फैला हुआ था, खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश।

ट्रेनिंग का तरीका और गिरोह का गठन

  • ऑनलाइन ट्रेनिंग: वीडियो कॉल और सोशल मीडिया के ज़रिए ट्रेनिंग दी जाती थी। ठगों को फिशिंग, फर्जी वेबसाइट बनाना, और ऑनलाइन स्कैम के नए तरीके सिखाए जाते थे।
  • 400 सदस्यों का बड़ा नेटवर्क: ये गिरोह इतना बड़ा था कि इसके सदस्यों ने अलग-अलग शहरों में अपने असली और फर्जी पहचान से काम किया।
  • यूपी के युवा भी शामिल: सिर्फ बिहार ही नहीं, यूपी के कई युवक भी इस ठगी की ट्रेनिंग में जुड़े थे, जो दिखाता है कि ये गिरोह कितनी व्यापक है।

कैसे करते थे ये साइबर ठग ठगी?

तो आखिर ये गिरोह किस तरह से आपके पैसे और जानकारी को निशाना बनाता था? चलिए समझते हैं:

  1. फिशिंग ईमेल और मैसेज: आपके नाम पर बैंक या कोई आधिकारिक संस्था बनाकर फर्जी मेल भेजना।
  2. फर्जी वेबसाइट बनाना: ऐसे नकली पोर्टल जहां आप अपनी जानकारी भर देते हैं और ठगों के हाथ लग जाती है।
  3. फोन और व्हाट्सएप ठगी: ठग कॉल कर फर्जी वादे कर पैसा ऐंठते थे।
  4. डाटा चुराना और बेचना: चुराए गए डेटा को ऑनलाइन बेचकर मुनाफा कमाते थे।

क्या बिहार और यूपी के युवाओं का भविष्य इससे प्रभावित होगा?

अब सवाल उठता है कि क्या इस गिरोह में शामिल होना युवाओं के लिए कोई बेहतर रास्ता है? बिल्कुल नहीं। ये ठगी का रास्ता न सिर्फ कानून के खिलाफ है बल्कि आपकी जिंदगी और करियर को भी बर्बाद कर सकता है। साइबर अपराधों के कारण साथ ही जेल की सजा और सामाजिक प्रतिष्ठा को बहुत नुकसान होता है।

कैसे बचें आप और आपके परिवार?

  • अपने अकाउंट की सुरक्षा बढ़ाएं मजबूत पासवर्ड और 2FA का इस्तेमाल करें।
  • संशयास्पद लिंक और ईमेल से बचें।
  • सावधान रहें, अपने निजी डेटा को संदिग्ध जगह न दें।
  • अपने बच्चों और युवा परिवार के लोगों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दें।

सरकार और पुलिस की क्या भूमिका है?

सरकार ने साइबर ठगी के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। बिहार और यूपी की पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है और डिजिटल मामलों के लिए शिविर आयोजित किए हैं। साथ ही, जागरूकता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया और स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

लेकिन हमें सभी की ज़िम्मेदारी बनती है कि हम सतर्क और जागरूक रहें ताकि ऐसे साइबर अपराधों को जड़ से खत्म किया जा सके।

निष्कर्ष: साइबर अपराध से सावधान रहना ही सबसे बड़ी जीत है

तो दोस्तों, बिहार के साइबर ठगों को पाकिस्तान से ठगी की ट्रेनिंग मिलना और यूपी के युवाओं का इसमें जुड़ना एक चिंता का विषय है। यह हमें साइबर सुरक्षा की अहमियत और जागरूकता की जरूरत पर जोर देता है। टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग रोकने के लिए हमें सतर्क रहना होगा और सही शिक्षा देनी होगी।
अब आप क्या सोचते हैं? क्या आपके जान-पहचान में कोई साइबर ठगी का शिकार हुआ है? कमेंट में बताइए और अपने दोस्तों के साथ इस जानकारी को जरूर शेयर करें।
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