बेटी की गिरफ्तारी का भय: एआई से सुनवाई रोने की आवाज, साइबर ठगी की नई चाल

क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी भावनाओं का इस्तेमाल करके कोई आपको धोखा दे सकता है? हाल ही में बिहार में एक साइबर ठगी का ऐसा मामला सामने आया जहां एक शख्स को बेटी की गिरफ्तारी का भय दिखाकर, एआई की मदद से रोने की आवाज सुनाकर ठगी की गई। सुना है आपने? यह कहानी सुनकर आप भी चौंक जाएंगे।

बेटी की गिरफ्तारी का भय: साइबर अपराधियों का नया हथियार

आज के डिजिटल दौर में धोखाधड़ी के तरीके भी बदल रहे हैं। साइबर अपराधी अब आपकी भावनाओं को भुनाने लगे हैं। खासकर जब बात परिवार की आती है, तो ये तकनीक उनके लिए और भी घातक साबित हो रही है। बिहार के पटना में एक ऐसे ही केस ने सबको हैरान कर दिया।

क्या हुआ था उस दिन?

शिकायतकर्ता को कॉल आया कि उसकी बेटी पुलिस पकड़ चुकी है। वक्त ने दिमाग पर दबाव बढ़ाया तो उसने तुरंत हालात समझने की कोशिश की। लेकिन क्या पता था कि ये कॉल एक साइबर ठगी का हिस्सा था? इसमें एआई तकनीक से उसकी बेटी की रोने की आवाज लगाई गई, जिससे वह और ज्यादा घबराया। एक बार जब अपराधी के झूठ में फंस गए, तो उन्होंने उनसे पैसों की मांग की।

एआई से कैसे संभव हुई ये ठगी?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी अब इतनी विकसित हो चुकी है कि वह मानवीय आवाज़ों की नकल कर सकती है। अपराधी इन तकनीकों का इस्तेमाल कर हमसे जुड़ी संवेदनशील जानकारियां और हमारी कमजोरियों का फायदा उठाते हैं।

  • रोने की आवाज की नकल: एआई की मदद से कॉल पर प्ले की जाती है बेटी की आवाज़, जिससे पूरी कहानी असली लगती है।
  • झूठे पुलिस अधिकारी का रुप: अपराधी खुद को पुलिस बताकर डराते हैं कि गिरफ्तारी imminent है।
  • फंड की मांग: डर कर लोग झूठे अधिकारियों को पैसे भेज देते हैं।

साइबर ठगी से बचने के कुछ आसान उपाय

इस तरह की ठगी के शिकार न होने के लिए हमें हर स्थिति में सावधानी बरतनी चाहिए। यहां कुछ जरूरी टिप्स हैं:

  1. पहचान सुनिश्चित करें: अगर कोई पुलिस या अधिकारी कॉल करे, उनकी पहचान ऑनलाइन जांच लें।
  2. तुरंत भरोसा न करें: परिवार से बात करके स्थिति की पुष्टि करें।
  3. धोखाधड़ी की जांच करें: कॉल पर आई आवाज़ या कहानी को तुरंत सच मानने की जगह संदेह करें।
  4. किसी भी संदिग्ध कॉल पर जानकारी साझा न करें: कभी भी अपनी या परिवार की संवेदनशील जानकारी फोन पर न बताएं।
  5. साइबर पुलिस या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें: यदि शक हो तो तुरंत स्थानीय साइबर सेल से संपर्क करें।

कहानी से सीख: सतर्क रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा

यह घटना हमें सिखाती है कि टेक्नोलॉजी के आने से जीवन आसान हुआ है लेकिन इसके साथ-साथ खतरे भी आए हैं। बेटी की गिरफ्तारी का भय दिखाकर एआई से रोने की आवाज सुनाकर ठगी करना किसी को भी झटका दे सकता है। इसलिए हमें अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहना होगा।

क्या आपको कभी ऐसी कोई कॉल आई है जो आपको शक में डाल गई हो? या आपने कभी महसूस किया कि तकनीक ने आपके भावनाओं को टारगेट किया हो? नीचे कमेंट में अपनी कहानी जरूर साझा करें। और अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो हमारे न्यूज़लेटर को सब्सक्राइब करें ताकि आप ऐसी और खबरों से अपडेट रहें।

याद रखिए, जागरूकता ही बचाव है!

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