मनीष सिसोदिया का पुराना नंबर चालू कर ठगी, बड़ा गिरोह गिरफ्तार

सोचिए अगर कोई आपके किसी जाने-माने शख्स का पुराना फोन नंबर उठा ले और उससे लोगों को ठगी करनी शुरू कर दे। सुनने में ही अजीब लगता है, लेकिन ये सच है! हाल ही में मनीष सिसोदिया का पुराना नंबर चालू कर ठगी करने वाला एक शातिर ठग पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी ने बड़े गिरोह का भी भंडाफोड़ किया। आइए, इस पूरी घटना को समझते हैं और जानते हैं कि ऐसी ठगी से हम खुद को कैसे बचा सकते हैं।

मनीष सिसोदिया का पुराना नंबर और ठगी का खेल

मनीष सिसोदिया, जो की एक जानी-मानी राजनीतिक हस्ती हैं, उनका एक पुराना मोबाइल नंबर था जो अब बंद हो चुका था। लेकिन कुछ ठगों ने इस नंबर को फिर से चालू कर लिया और लोगों को ठगने लगे। ये ठग सोशल इंजीनियरिंग के जरिए लोगों को फंसा रहे थे और उनसे पैसा ऐंठ रहे थे।

कैसे काम करता था ये ठग गिरोह?

  • पहले तो ये लोग नंबर सक्रिय करते थे जो पहले किसी खास शख्स के नाम होता था।
  • फिर फोन कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप के जरिए लोगों से संपर्क करते और अपनी पहचान गढ़ते।
  • लोगों को भरोसा दिलाते और भारी रकम की मांग करते।
  • कई बार तो जालसाजी के लिए बैंक खाता और फर्जी दस्तावेज़ का भी इस्तेमाल किया जाता था।
  • ठगी के बाद खुद को छिपा लेना उनकी खासियत थी, लेकिन पंजाब पुलिस ने इन्हें पकड़ ही लिया।

पंजाब पुलिस का बड़ा कारनामा – गिरोह का हुआ पर्दाफाश

पंजाब पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते ये गिरोह पकड़ा गया, जिससे बहुत सारे लोगों का बड़ा नुकसान होने से बच गया। इस दौरान पुलिस ने ठगों के कई साथी और खरीद के साक्ष्य भी जुटाए।

गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ?

  • ठगों से संबंधित उपकरण जब्त किए गए।
  • पीड़ितों से संपर्क कर उनकी शिकायतें दर्ज की गईं।
  • फर्जी नंबर बंद कराने और आगे के खतरों से बचने का तरीका बताया गया।

आप खुद को ठगी से कैसे बचाएं?

अब सवाल उठता है, क्या हम भी ऐसे ठगों से सुरक्षित हैं? जवाब है, सावधानी ही हमारी सबसे बड़ी ढाल। यहां कुछ आसान टिप्स दिए जा रहे हैं:

  • किसी भी अनजान नंबर से सावधानी से बात करें: अगर कोई आपसे अचानक भारी रकम की मांग करे, तो हमेशा उसकी पुष्टि करें।
  • व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: बैंक डिटेल्स, पासवर्ड या कोई अन्य निजी जानकारी कभी फोन या मैसेज पर न दें।
  • दोस्तों और परिवार से बातचीत करें: अगर कोई संदेह हो, तो फौरन किसी भरोसेमंद सदस्य से चर्चा करें।
  • सरकारी या आधिकारिक नंबरों की पुष्टि करें: किसी भी दावे की पुष्टि संबंधित अधिकारियों से जरूर करें।
  • संदिग्ध नंबर ब्लॉक करें और रिपोर्ट करें: ऐसे नंबरों को फोन या मैसेज ऐप्स पर ब्लॉक करना और संबंधित पुलिस थाने को रिपोर्ट करना चाहिए।

निष्कर्ष: जागरुकता ही बचा सकती है

मनीष सिसोदिया का पुराना नंबर चालू कर ठगी करने वाला गिरोह दबोचा जाना एक चेतावनी है कि ठग हर संभव तरीका अपनाते हैं। हमें सावधानी बरतनी होगी, हमेशा सतर्क रहना होगा और ऐसे मामलों में पुलिस की मदद लेनी होगी। याद रखिए, जागरुकता और सही जानकारी से ही हम इन जालसाजों से बच सकते हैं।

तो आप क्या सोचते हैं इस मामले के बारे में? क्या आपको कभी ऐसे किसी झांसे का सामना करना पड़ा है? नीचे कमेंट में अपने अनुभव जरूर साझा करें। और हां, ऐसे खबरों के लिए हमारे न्यूज़लेटर को सब्सक्राइब करना न भूलें।

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