मेट्रो अस्पताल कैशलेस इलाज ठगी: दिल्ली से नौवीं पास आरोपी गिरफ्तार

क्या आपने कभी सोचा है कि अस्पताल के कैशलेस इलाज का लाभ उठाते हुए आप भी धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं? हां, हाल ही में एक बड़ा खुलासा हुआ है जहां दिल्ली में मेट्रो अस्पताल से कैशलेस इलाज के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। इस ठगी का आरोपी कोई और नहीं बल्कि एक नौवीं पास युवक है जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस खबर ने सबके होश उड़ा दिए हैं क्योंकि अस्पताल और चिकित्सा क्षेत्र में भरोसा सबसे अहम होता है।

मेट्रो अस्पताल से कैशलेस इलाज के नाम पर ठगी का पूरा मामला

कैशलेस इलाज का सिस्टम मरीजों के लिए सुविधाजनक माना जाता है। मरीज बिना नकद भुगतान के अपना इलाज करवा पाते हैं, जिससे इमरजेंसी में भी मदद मिलती है। लेकिन इस सुविधा का गलत फायदा उठाकर एक नौवीं पास युवक ने करोड़ों की ठगी की। उसने अस्पताल के कैशलेस ट्रीटमेंट सिस्टम में सेंध लगाकर मरीजों और अस्पताल के बीच की व्यवस्था को चूना लगाया।

कैसे हुई ठगी?

  • फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग: आरोपी ने नकली कागजात बनाकर अस्पताल और बीमा कंपनियों को चकमा दिया।
  • कैशलेस क्लेम प्रोसेस में गड़बड़ी: मरीजों के इलाज के बिलों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।
  • फर्जी मरीज और इलाज के नाम पर पैसे निकाले गए: जिनका इलाज कहीं और हुआ या बिल कभी जमा नहीं हुआ, उनकी तरफ से claims किए गए।

दिल्ली पुलिस की जांच और नौवीं पास आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस ने लंबे समय तक जांच के बाद इस ठगी के पीछे नौवीं पास युवक का नाम पकड़ा। यह युवक सरकारी और निजी अस्पतालों के कैशलेस सिस्टम में छिछोरे दस्तावेज लेकर घुसपैठ करता रहा।

गिरफ्तारी के बाद जांच में क्या मिला?

  • अधिकारीयों ने पता लगाया की आरोपी के पास इलाज के नाम पर करोड़ों की रकम पास हुई थी।
  • उसकी सिंपल पढ़ाई के बावजूद बड़ा जालसाजी स्कीम चलाने की बात सामने आई।
  • पुलिस की कार्रवाई जारी है, और जांच के दायरे में अन्य नाम भी आ सकते हैं।

कैशलेस इलाज में होने वाली ठगी से कैसे बचें?

ऐसे खबरें सुनकर तो कई लोग कैशलेस ट्रीटमेंट से डरने लगते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि हर जगह धोखाधड़ी हो। हमें कुछ सावधानियां रखनी चाहिए ताकि हम सुरक्षित रहें:

  • अपनी पालिसी और क्लेम डॉक्यूमेंट्स को ध्यान से रखें।
  • अस्पताल के बिल और कागजात को हमेशा क्रॉसचेक करें।
  • संभावित फर्जी मरीज या बिल की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारी को दें।
  • बीमा कंपनी की हर जानकारी और अपडेट को ध्यान से पढ़ें।
  • अगर कोई अनियमितता लगे, तो पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत शिकायत करें।

सोचिए, अगर हम सतर्क न रहें तो?

कैशलेस इलाज के सिस्टम को धोखा देने वाले ऐसे व्यक्ति हमारी जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आपको तो अपने और अपने परिवार के ट्रीटमेंट पर पूरा भरोसा होना चाहिए, न कि धोखाधड़ी के चक्र में फंसना चाहिए। तो अगली बार जब कैशलेस इलाज का उपयोग करें, तो थोड़ा सतर्क जरूर रहें।

क्या आपने कभी ऐसे किसी मामले का सामना किया है? आपके अनुभव क्या रहे? कमेंट में जरूर बताएं ताकि हम सब जागरूक हो सकें। साथ ही, अपडेट्स के लिए हमारे न्यूज़लेटर को सब्सक्राइब करें।

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