क्या आपने कभी सोचा है कि इस डिजिटल युग में आपका स्मार्टफोन या कंप्यूटर किस तरह आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है? जी हां, साइबर जालसाजों ने इस साल दिल्ली के लोगों से लगभग 1000 करोड़ रुपये ठगने का काम किया है। ये सुनते ही कोई भी हैरान रह जाएगा। लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये साइबर ठग इतने पैसे कैसे जुटा लेते हैं? और आप खुद को इन ठगों से कैसे बचा सकते हैं? आज हम आपको बताएंगे दिल्ली में चल रहे उन तीन खास तरीकों के बारे में जिनसे साइबर अपराधी लोगों को फंसाते हैं।
साइबर जालसाज़ों से दिल्लीवालों की ठगी: हाल ही की हकीकत
2025 में दिल्ली में साइबर अपराध बहुत तेजी से बढ़े हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर जालसाजों ने इस साल 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है। ये आंकड़ा इतना बड़ा है कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सोचिए अगर आपके पास ये जानकारी हो जाए कि आपके आस-पास के लोग इस तरह के जाल में फंस रहे हैं तो आप क्या करेंगे? यही वजह है कि आपको साइबर जालसाज़ों के काम करने के तरीके जानने की जरूरत है।
साइबर जालसाजों ने अपनाए 3 खास तरीके
आइए समझते हैं कि ये जालसाज़ अपने शिकारों को कैसा फंसाते हैं। ये तीन तरीके सबसे ज्यादा देखने को मिले हैं:
1. फेक कॉल और फिशिंग मैसेज
आपके फोन पर एक कॉल या मैसेज आता है जो बिलकुल सरकारी या बैंक अधिकारी का लगने लगता है। वे कहते हैं कि आपकी बैंक अकाउंट में समस्या है या कोई लेन-देन असामान्य हुआ है। हड़बड़ी में आप अपने पर्सनल डिटेल्स साझा कर देते हैं और फिर क्या, पैसा चुपके से उड़ जाता है।
2. ऑनलाइन शॉपिंग और नकली वेबसाइट्स
ऑनलाइन खरीदारी आजकल आम बात है। लेकिन साइबर ठग नकली वेबसाइट बनाकर आपको आकर्षक ऑफर दिखाते हैं, आप ऑर्डर करते हैं, भुगतान करते हैं, लेकिन आपकी प्रोडक्ट पहुंच ही नहीं पाती। ना ही पैसा वापस मिलता है।
3. व्हाट्सएप फ्रॉड और सिम स्वैपिंग
व्हाट्सएप फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। जालसाज़ आपके कॉन्टैक्ट्स को धोखा देकर आपके नाम से पैसा मांगते हैं। सिम स्वैपिंग में आपकी सिम की जानकारी चुरा कर वे आपके अकाउंट्स को हैक कर लेते हैं।
साइबर फ्रॉड से बचने के टिप्स
अब जब आप इन तरीकों को जान गए हैं, तो खुद को बचाने के कुछ जरूरी कदम भी जान लेना चाहिए:
- व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: फोन या मैसेज पर किसी भी असामान्य कॉल में अपने पासवर्ड या OTP शेयर न करें।
- ऑनलाइन साइट की जाँच करें: खरीदारी करने से पहले वेबसाइट की विश्वसनीयता जरूर जांच लें। हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके पुष्टि करें।
- सुरक्षित पासवर्ड का इस्तेमाल करें: अपने सभी अकाउंट्स के लिए मजबूत और अलग पासवर्ड चुनें।
- डबल ऑथेंटिकेशन ऑन रखें: जहां भी हो सके दो-चरणीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें।
- सिम डुप्लीकेट पर विशेष ध्यान दें: अपने मोबाइल ऑपरेटर को किसी भी सिम मांग पर सचेत करें और तुरंत अलर्ट भेजें।
निष्कर्ष: सुरक्षित रहिए, जागरूक रहिए
साइबर जालसाज़ों ने दिल्ली के लोगों से 1000 करोड़ रुपये की ठगी इस साल की है ये हमारे लिए चेतावनी है कि हमें अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहना होगा। ये तीन खास तरीके और इनके प्रति सावधानी आपको सुरक्षित रख सकती है।
क्या आपको कभी ऐसे मामलों का सामना करना पड़ा है? या आपने इनमें से किसी ट्रिक को पहचाना है? हमें कमेंट में जरूर बताएं। और हां, हमारी वेबसाइट को सब्सक्राइब करें जिससे आप हर नए साइबर सुरक्षा टिप्स से अपडेट रहें।
याद रखिए, सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है!

