क्या आपको पता है कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में साइबर जालसाजों ने लोगों को लगभग 1000 करोड़ रुपये का चूना लगाया है? हां, ये सच है! हर दिन नए-नए तरीके लोग फंसते जा रहे हैं, लेकिन हम आपको यहाँ उन तीन मुख्य तरीकों के बारे में बताएंगे जिनसे ज्यादातर लोग ठगे गए। और साथ ही कुछ आसान उपाय भी जिन्हें अपनाकर आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
साइबर जालसाज़ी: क्या है और क्यों बढ़ रही है ये परेशानी?
साइबर जालसाज़ी यानी इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए धोखाधड़ी करना। आज जब हम ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल पेमेंट और ई-कॉमर्स पर निर्भर हैं, तब जालसाज़ भी लगातार अपनी चालाकी बढ़ा रहे हैं। दिल्ली जैसे बड़े शहर में जहां टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल ज़्यादा है, वहां साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहा है।
दिल्लीवालों से ठगी के 3 खास तरीके
तो चलिए, जानते हैं कि कैसे साइबर अपराधी दिल्लीवालों को बड़ा झटका दे रहे हैं।
1. फेक कॉलिंग और मैसेजिंग
जालसाज़ अक्सर बैंक या टेक कंपनी का नाम लेकर कॉल या मैसेज करते हैं। वे कहते हैं कि आपके अकाउंट में प्रॉब्लम है या आपको नया ऑफर मिलेगा। असली में, वे आपके बैंक डिटेल्स या ओटीपी निकालने की कोशिश करते हैं।
2. फिशिंग लिंक और मेल
यह तरीका काफी आम है। आपको लगता है कि आप अपने बैंक या किसी सरकारी साइट पर लॉगिन कर रहे हैं, लेकिन लिंक असली नहीं होता। जब आप अपनी जानकारी दर्ज करते हैं, तो वह चोरी हो जाती है।
3. नकली ऐप और फेक वेबसाइट्स
कुछ जालसाज़ नकली ऐप बना कर ऑनलाइन पेमेंट, डिटेल्स चुराते हैं। वे सोशल मीडिया या मैसेज में लिंक भेजते हैं, जो दिखने में असली लगता है। लेकिन असल में ये आपके डेटा को उनके हाथों में पहुंचा देता है।
सावधानी: खुद को कैसे बचाएं?
- ओटीपी कभी भी शेयर न करें: कोई भी जालसाज़ आपके पास ओटीपी मांग सकता है, लेकिन इसे किसी के साथ भी बांटना नहीं है।
- रहें सतर्क: किसी भी अजीब कॉल, मैसेज या ईमेल पर सीधे जवाब न दें।
- सिर्फ ऑफिशियल ऐप्स और वेबसाइट्स का ही इस्तेमाल करें: लिंक पर क्लिक करने से पहले वेबसाइट या ऐप के असली होने की जांच करें।
- अपना मोबाइल और कंप्यूटर अपडेट रखें: सुरक्षा के लिए अपने डिवाइस के सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेट रखें।
- दोस्तों और परिवार को जागरूक करें: जितना आप सीखेंगे, उतना ही दूसरे भी सुरक्षित रहेंगे।
क्या आप तैयार हैं सावधान रहने के लिए?
साइबर जालसाज़ हर दिन नई चालाकियां निकाल रहे हैं, लेकिन हमें भी तो उनसे एक कदम आगे रहना होगा। एक बार जब आप इन तीन तरीकों को समझ जाएंगे और सावधानी बरतेंगे, तो आप अपने और अपने परिवार की सुरक्षा कर पाएंगे।
तो, आपकी क्या राय है? क्या आपने कभी साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों से बात की है? नीचे कमेंट में जरूर बताएं, और इस लेख को शेयर कर दूसरों को भी जागरूक करें।
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