क्या आपको पता है कि इस साल साइबर जालसाजों ने सिर्फ दिल्ली के लोगों से ही 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है? जी हां, ये हैरान कर देने वाला आंकड़ा है और इस खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया है। अगर आप सोच रहे हैं कि ये साइबर अपराध कैसे होते हैं और आप खुद को इसके शिकार होने से कैसे बचा सकते हैं, तो ये आर्टिकल आपके लिए है। चलिए जानते हैं इस पोस्ट में तीन खास तरीके जिनसे ठग सक्रिय हैं और आप कैसे सतर्क रह सकते हैं।
साइबर जालसाज उन्होंने इस साल दिल्लीवालों से किस तरह की ठगी की?
दिल्ली में साइबर अपराध की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं। 1000 करोड़ रुपये की ठगी ने हमें सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ये अपराध कैसे होते हैं और हम खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं। इन साइबर जालसाजों के पास बहुत चालाक तरकीबें हैं, जो हमें ठगने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। प्रमुख तीन तरीके हम नीचे विस्तार से समझाएंगे।
तीन खास तरीके जिनसे साइबर जालसाज करते हैं दिल्लीवालों को ठगा
1. फेक कॉल और फिशिंग स्कैम
यह सबसे आम तरीका है। आपको कोई कॉल आता है जो बैंक या सरकारी एजेंसी का दिखावा करता है। वो बताते हैं कि आपके अकाउंट से संदिग्ध गतिविधि हुई है और आपको तुरंत जानकारी देने की जरूरत है। वे आपका बैंक डिटेल्स मांग लेते हैं और आपका पैसा निकाल लेते हैं। अक्सर ये ट्रिक्स इतने भरोसेमंद लगते हैं कि आप ध्यान ही नहीं देते।
2. ओटीपी फ्रॉड और मोबाइल स्कैम
पहले मोबाइल पर एक बार उपयोग होने वाला पासकोड (OTP) आता है, जो हम समझते हैं कि केवल हमारे लिए है। लेकिन जालसाज आपकी मदद से या आपके फोन पर मैलवेयर इंस्टॉल कर कि इसे चुरा लेते हैं और आपके अकाउंट से सीधे पैसा ट्रांसफर कर देते हैं। कभी-कभी आपको कोई फेक वेबसाइट या ऐप का लिंक भेजते हैं जिसमें आप अपने बैंक डिटेल्स डाल देते हैं, और फिर आपकी जानकारी चोरी हो जाती है।
3. ऑनलाइन शॉपिंग और ई-कॉमर्स फ्रॉड्स
जब आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो सावधान रहें। कई बार नकली वेबसाइट या विक्रेता आपके पैसे लेकर सामान नहीं भेजते। साथ ही कुछ फेक प्रमोशनल ऑफर्स के चक्कर में फस सकते हैं जो कि आपके बैंक अकाउंट या कार्ड की डिटेल ले लेते हैं।
कैसे बचें साइबर जालसाजों से? ये टिप्स ज़रूर अपनाएं
- कभी भी अपनी बैंक या पर्सनल जानकारी फोन या मैसेज में न दें। बैंक असल में कभी भी OTP या पासवर्ड फोन पर नहीं मांगता।
- ऐसे कॉल्स को तुरंत समाप्त कर दें और आधिकारिक वेबपेज या ऐप से मदद लें।
- ऑनलाइन शॉपिंग के लिए केवल विश्वसनीय वेबसाइट्स का ही उपयोग करें और प्रमोशनल ऑफर्स को समझदारी से जांचें।
- अपने मोबाइल और कंप्यूटर पर एंटी-वायरस और सिक्योरिटी सॉफ़्टवेयर जरूर इंस्टाल करें।
- सेकंड डिवाइस या बैंक अलर्ट सेट करें ताकि हर ट्रांजैक्शन की सूचना आपको मिलती रहे।
समाप्ति: जांचें, सतर्क रहें और सावधानी अपनाएं
साइबर जालसाजों ने दिल्लीवालों से इस साल 1000 करोड़ रुपये ठगे, लेकिन हम भी जागरूक रहकर और सही कदम उठा कर इस खतरे से बच सकते हैं। याद रखें, सतर्कता ही सुरक्षा की पहली लाइन है। क्या आप भी ऐसे किसी स्कैम का सामना कर चुके हैं? या आपको ये टिप्स उपयोगी लगे? नीचे कमेंट में अपनी राय जरूर साझा करें। और हां, अगर आप ऐसे अपडेट और साइबर सुरक्षा टिप्स पाना चाहते हैं, तो हमारी न्यूज़लेटर को सब्सक्राइब करना न भूलें।

