सोचिये अगर आपके बैंक खाते से एक दिन अचानक करोड़ों रुपए गायब हो जाएं! 804 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की खबर सुनकर ऐसा लग सकता है कि यह किसी फिल्म की कहानी हो, लेकिन यह पूरी तरह से हकीकत है। गुजरात पुलिस ने हाल ही में एक बड़े साइबर क्राइम गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने लोगों को ठग कर इतनी भारी रकम हड़पी। और ये गिरोह सीधे दुबई से जुड़ा हुआ था।
गुजरात पुलिस की साइबर ठग गिरोह पर बड़ी कार्रवाई
गुजरात पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक साइबर क्राइम गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है, जिसने चालाकी से 804 करोड़ रुपये की ठगी की। इस गिरोह ने फोन, इंटरनेट और ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को फंसाया और उनके खाते खाली कर दिए। पुलिस ने बताया कि ये गिरोह पूरे देश में सक्रिय था और गुजरात में उनका सबसे बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
- गिरोह के सदस्य फर्जी कॉल सेंटर ऑपरेट करते थे।
- यह लोग लोगों को बैंक प्रबंधन का दिखावा कर खाते की जानकारी मांगते थे।
- फिर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर लिया जाता था।
- अंत में रकम को दुबई में स्थित उनके अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिया जाता था।
दुबई कनेक्शन: अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम का जाल
यह गिरोह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था, उनका नेटवर्क दुबई समेत कई विदेशी लोकशन से जुड़ा था। दुबई उनका मुख्य ऑपरेशन हब था, जिससे वे आसानी से पैसे की हेराफेरी कर पाते थे। यह कनेक्शन पुलिस की जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ।
गुजरात पुलिस की भूमिका और सफलताएं
- सीआईडी की टीम ने महीनों की छानबीन के बाद गिरोह तक पहुंच बनाई।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग से दुबई में भी छानबीन की गई।
- गिरोह के मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हुए।
- यह कार्रवाई इस तरह के बड़े साइबर अपराध पर शिकंजा कसने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
साइबर ठगी से बचाव के टिप्स
अब सवाल ये उठता है कि हम इस तरह की साइबर ठगी से खुद को कैसे बचाएं? तो आइए कुछ जरूरी बातों पर नजर डालते हैं:
- अपने बैंक डिटेल्स कभी भी फोन या ईमेल पर शेयर न करें।
- अनजान नंबर से कॉल आने पर सावधानी बरतें।
- ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय वेबसाइट की सुरक्षा जांचें।
- अगर कुछ भी संदिग्ध लगे तो तुरंत बैंक या पुलिस से संपर्क करें।
- अपने पासवर्ड और ओटीपी को हमेशा सुरक्षित रखें।
क्या हम सुरक्षित हैं?
यह घटना हमें एक बहुत बड़ा संदेश देती है कि हमें अपनी डिजिटल सुरक्षा पर कितना ध्यान देना चाहिए। साइबर ठग तेजी से नई-नई तरकीबें अपनाते हैं, इसलिए हमें भी सतर्क रहना होगा। किसे पता था कि इतना बड़ा गिरोह दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय होगा? इस मामले में गुजरात पुलिस की सफलता से उम्मीद बढ़ी है कि आगे भी ऐसे अपराधियों पर लगाम लगेगी।
आपका क्या ख्याल है?
क्या आपको लगता है कि Cybercrime के खिलाफ सरकार और पुलिस को और कड़े कदम उठाने चाहिए? क्या आप या आपके परिचित कभी इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हुए हैं? नीचे कमेंट में अपनी राय जरूर साझा करें!
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