क्या आपने कभी ‘खच्चर खाते’ की बात सुनी है? नहीं? तो आप तैयार रहें एक चौंकाने वाले सच के लिए। 2024 में साइबर ठगी के खेल में एक बड़े खुलासे ने सबका ध्यान खींचा है – खच्चर खाते वालों को मिल रहा है 15 फीसदी कमीशन! पर ये कमीशन किसके खाते में जा रहा है? और कैसे बैंक कर्मियों की मिलीभगत इसमें शामिल है? आइए, इस रहस्यमय खेल को समझते हैं।
खच्चर खाते क्या होते हैं और क्यों हो रहे हैं इस्तेमाल?
खच्चर खाते वो बैंक खाते होते हैं जो असली खाताधारकों के बिना किसी भारी पूंजी के बनाए जाते हैं। इन खातों का इस्तेमाल होता है धोखाधड़ी के लिए। साइबर अपराधी इन्हें ऐसे खाते बनाते हैं जिनसे वे अपनी नकली या अवैध ट्रांजैक्शन छुपा सकें।
- ये खाते अक्सर गरीब या अनजान लोगों के नाम पर खोले जाते हैं।
- साइबर अपराधी इन खातों को 15% से लेकर 20% कमीशन पर नियंत्रित करते हैं।
- बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से ये कार्य और आसान हो जाता है।
साइबर ठगी का खेल: कमीशन और बैंक कर्मियों की भूमिका
यहाँ सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बैंक के कर्मचारी भी इस खेल में शामिल हैं। उनकी सहायता से खच्चर खाते खोलना और उन्हें सक्रिय करना संभव होता है।
बैंक कर्मियों की मिलीभगत कैसे होती है?
- कर्मचारी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जांच में लापरवाही करते हैं या फर्जी दस्तावेज़ स्वीकार करते हैं।
- वे खातों को अनजाने में या जान-बूझकर अवैध ट्रांजैक्शन के लिए इस्तेमाल होने देते हैं।
- और कभी-कभी सीधे अपराधियों के साथ मिलीभगत से यह गतिविधि बढ़ जाती है।
कैसे काम करता है कमीशन का यह खेल?
जब अपराधी किसी व्यक्ति से खच्चर खाते का इस्तेमाल करवाते हैं, तो उसे उस खाते से होने वाले हर ट्रांजैक्शन पर 15% कमीशन मिलता है। मान लीजिए कोई खच्चर खाते वाले खाते के माध्यम से 1 लाख रुपए की ठगी करता है, तो वह खाते वाला 15 हजार रुपए तक की रकम पा सकता है।
बढ़िया रकम, है ना? पर इस खेल के पीछे बड़ी आपराधिक साजिश छुपी होती है।
आप खुद कैसे बच सकते हैं इस ठगी से?
सीधे तौर पर यदि आप इस खेल में शामिल नहीं हैं तो डरने की जरूरत नहीं। पर फिर भी सतर्क रहना जरूरी है क्योंकि ये साइबर ठग हर पल नए-नए तरीके अपनाते हैं।
- अपना बैंक खाता सुरक्षित रखें: अनजान लोगों को अपने बैंक खातों का इस्तेमाल न करने दें।
- अंजान कॉल या मैसेज से सावधान रहें: कभी भी अपने बैंक से जुड़े पर्सनल जानकारी फोन या मैसेज में न दें।
- बैंक स्टेटमेंट और लेनदेन नियमित जांच करें: जल्दी से किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की पहचान करें।
- संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत बैंक को सूचित करें: अगर कोई संदिग्ध लेनदेन दिखे तो तुरंत बैंक को रिपोर्ट करें।
बैंक और सरकार की क्या भूमिका होनी चाहिए?
खच्चर खाते और बैंक कर्मियों की मिलीभगत के लिए बैंकिंग संस्थान और सरकार दोनों को मिलकर कड़े नियम बनाना जरूरी है।
- बैंक कर्मचारियों की सख्ती से जांच और प्रशिक्षण।
- खातों के सत्यापन और दस्तावेज जांच की कड़ी प्रक्रियाएं।
- साइबर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए तकनीकी उपकरण।
- ग्राहकों को भी जागरूक करना और उन्हें ठगी के बारे में नियमित अपडेट देना।
निष्कर्ष: खच्चर खाते और साइबर ठगी से कैसे बचें?
खच्चर खाते और उनका इस्तेमाल करके साइबर ठगी का जाल फैल रहा है, जिसमें कमीशन की रकम और बैंक कर्मियों की मिलीभगत इसे और भी गंभीर बनाती है। हालांकि आम नागरिकों को सावधान रहने और अपने खातों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
तो, आप क्या सोचते हैं? क्या बैंकिंग व्यवस्था को इस तरह की मिलीभगत से बचाने के लिए और कदम उठाने चाहिए? या फिर खुद हमें भी थोड़ा सावधानी से काम लेना चाहिए? नीचे अपने विचार जरूर साझा करें!
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