खच्चर खाते वालों को 15% कमीशन: साइबर ठगी का खेल खुला

क्या आपने कभी सुना है कि खच्चर खाते वालों को 15 फीसदी कमीशन मिलता है? सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लगता है, लेकिन साइबर ठगी के दुनिया में यह एक दुखद हकीकत बन चुकी है। हाल ही में बिहार में एक बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया है जो खच्चर खाते के जरिए धोखाधड़ी कर रहा है, जिसमें बैंककर्मियों की भी मिलीभगत सामने आई है। इस कहानी में चलिए गहराई से समझते हैं कि आखिर कैसे ये खेल चलता है और हम इससे कैसे बच सकते हैं।

खच्चर खाते का मतलब क्या होता है?

खच्चर खाते वह बैंक खाते होते हैं जिनके असली मालिक अक्सर जानकर या अनजाने में अपना खाता किसी ठग को दे देते हैं, ताकि वो खाते के जरिए अवैध लेन-देन कर सकें। ये खाते ज्यादातर उन लोगों के होते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर या गरीब होते हैं और उन्हें कुछ इंसेंटिव (जैसे कमीशन) दिया जाता है।

कैसे काम करता है ये साइबर ठगी का खेल?

15% कमीशन का फंदा

आमतौर पर, इस ठगी में खच्चर खाते वालों को की गई राशि का करीब 15% कमीशन दिया जाता है। मतलब जब भी ठग धोखाधड़ी से पैसा कमाते हैं, उनका यह हिस्सा खाते के मालिक को दिया जाता है। बेशक ये कमीशन किसी के लिए बड़ा पैसों का प्रलोभन हो सकता है, लेकिन साथ में जोखिम भी बहुत बड़ा है।

बैंककर्मियों की मिलीभगत

इस पूरी घड़ी में बैंककर्मी भी इस खेल में शामिल होते हैं, जो खाते खोलने से लेकर लेन-देन तक का सहयोग करते हैं। उनकी मिलीभगत से ये खच्चर खाते और ज्यादा प्रभावी और खतरनाक साबित होते हैं।

साइबर ठगी से बचाव के उपाय

क्या आप जानते हैं कि कैसे आप और आपके आस-पास के लोग इस जाल में फँस सकते हैं और कैसे बचा जा सकता है? कुछ अहम टिप्स यहां देंखे:

  • अपने बैंक खाते का इस्तेमाल सावधानी से करें: अपना खाता किसी के साथ साझा न करें, और किसी भी अनजान व्यक्ति या एजेंट को अपना बैंक डिटेल न दें।
  • सतर्क रहें: फोन कॉल, मैसेज या ईमेल में कोई भी संदिग्ध अनुरोध होने पर तत्काल बैंक या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।
  • सख्त पहचान प्रक्रिया अपनाएं: बैंक और अन्य संस्थानों में खाते खोलने की प्रक्रिया में सख्ती होनी चाहिए ताकि खच्चर खाते खुलना मुश्किल हो।
  • बैंककर्मियों की जिम्मेदारी बढ़ाएं: सतत निगरानी करके और नियमित ट्रेनिंग देकर उनकी भूमिका में पारदर्शिता लाएं।

इस खेल का असर समाज पर

इस प्रकार की ठगी न केवल व्यक्तिगत खाताधारकों और बैंकों को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि पूरे समाज की आर्थिक सुरक्षा को भी खतरे में डालती है। बैंकिंग सिस्टम में विश्वास कम होता है, लोगों का मनोबल गिरता है, और इन सबका नतीजा आर्थिक अनिश्चितता के रूप में सामने आता है।

निष्कर्ष: सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार

खच्चर खाते वालों को 15 फीसदी कमीशन मिलना और बैंककर्मियों की मिलीभगत से बढ़ी साइबर ठगी का खेल हमारी सुरक्षा और विश्वास के लिए खतरा है। पर ध्यान रखें, जागरूक रहकर, सतर्क रहकर, और सही कदम उठाकर हम इस जाल से बच सकते हैं। क्या आप अपने दोस्त और परिवार वालों को इस बारे में बता रहे हैं? क्या आपने कभी इस प्रकार की धोखाधड़ी का सामना किया है? नीचे कमेंट में जरूर बताएं।

और हां, ऐसी ही सच्चाई से जुड़े और अपडेट पाने के लिए हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करना न भूलें।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here