सोचिए अगर आपके आसपास कोई ऐसा गिरोह हो जो नए-नए साइबर ठगी के तरीके सीखकर लोगों को ठग रहा हो। और क्या आप जानते हैं कि बिहार के साइबर ठग पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर इस खेल में दक्ष हो रहे हैं? ये सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि 2024 में सामने आया एक चौंकाने वाला सच है। मामला इतना गंभीर है कि इसमें 400 से ज्यादा लोगों का गिरोह शामिल पाया गया है और सिर्फ बिहार ही नहीं, उत्तर प्रदेश के युवा भी इस नेटवर्क से जुड़े हैं।
बिहार के साइबर ठग और उनका पाकिस्तान से कनेक्शन
पिछले कुछ सालों में साइबर ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, खासकर पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में। बिहार के साइबर ठगों ने पाकिस्तान की ओर से ऑनलाइन ठगी की ट्रेनिंग ली, जिससे उनकी काबिलियत और बढ़ गई। इस ट्रेनिंग से वे फिशिंग, बैंक फ्रॉड्स, और ऑनलाइन ट्रांजेक्शंस को हैक करने में माहिर हो गए हैं।
पाकिस्तान की ओर से मिली यह ट्रेनिंग उन्हें नई तकनीकों के साथ अपडेट करने का जरिया बन गई, जिसके चलते वे बड़ी आसानी से लोगों को फंसाने लगे। इसका खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ छापेमारी की और कई डिजिटल सबूत बरामद किए।
400 लोगों का बड़ा गिरोह और उसकी कार्यप्रणाली
यह गिरोह केवल कुछ विशेषज्ञ ठगों का नहीं, बल्कि 400 से ज्यादा सदस्यों का नेटवर्क है। इसमें सिलसिलेवार तरीके से लोगों को ऑनलाइन धोखा देने, बैंक अकाउंट हैक करने, फर्जी वेबसाइट चलाने जैसे काम होते थे। गिरोह के हर सदस्य की भूमिका अलग-अलग थी – कुछ तकनीकी काम संभालते, तो कुछ लोगों को ठगने का काम करते।
इसके प्रमुख तरीके निम्नलिखित हैं:
- फिशिंग ईमेल और मैसेज – लोगों को फर्जी लिंक पर क्लिक करने के लिए लुभाना।
- फर्जी वेबसाइट बनाना – बैंक और अन्य संस्थानों की नकली साइट बनाकर डाटा चुराना।
- भरोसेमंद संदेश भेजना – लोगों को विश्वास में लेकर उनसे जरूरी जानकारी लेना।
यूपी के युवा भी जुड़े इस गिरोह से
यह मत सोचिए कि ये सिर्फ बिहार में सीमित है। पुलिस की जांच में पता चला कि उत्तर प्रदेश के कई युवा भी इस गिरोह से जुड़े हैं और ठगी की ट्रेनिंग के जरिए इस नेटवर्क का हिस्सा बने हैं। ये युवा डिजिटल तकनीक में ज्यादा प्रवीण होने के साथ ही नए तरीकों को आज़माने में भी पीछे नहीं हैं।
ऐसे युवा, खासकर जो बेरोजगार हैं या जिनके पास सही मार्गदर्शन नहीं है, वे इस तरह के गलत रास्तों पर आसानी से बहक जाते हैं। इस मामले ने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि युवाओं को सही दिशा में शिक्षा और मार्गदर्शन की कितनी जरूरत है।
कैसे बचें साइबर ठगी से?
अब जब आप जान गए हैं कि ये गिरोह किस तरह काम करता है, तो सोचना पड़ेगा कि आप कैसे खुद को और अपने परिवार को इस खतरे से बचा सकते हैं। कुछ आसान टिप्स ये हैं:
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- अपने बैंक और अन्य अकाउंट्स के पासवर्ड नियमित रूप से बदलें।
- दो-चरणीय प्रमाणीकरण (2FA) का प्रयोग करें।
- शंकास्पद ईमेल और फोन कॉल से सावधान रहें।
- अपने डेटा को सार्वजनिक या असुरक्षित Wi-Fi नेटवर्क पर साझा न करें।
निष्कर्ष: साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता दें
इस गिरोह की कहानी एक चेतावनी है कि अब साइबर अपराध कितनी बड़ी समस्या बन चुके हैं। बिहार के साइबर ठगों के पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेने और यूपी के युवाओं के जुड़ने से साफ है कि यह समस्या सिर्फ एक राज्य या क्षेत्र तक सीमित नहीं है।
आपके लिए जरूरी है कि आप ऑनलाइन सुरक्षा को गंभीरता से लें और जागरूक रहें। क्या आपने कभी साइबर ठगी का सामना किया है? आप क्या कदम उठाएंगे अपनी सुरक्षा के लिए? नीचे कमेंट में जरूर बताएं और अगर ये जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण है, तो हमारी न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करना न भूलें!

