देशभर में SIM बॉक्स रैकेट का खुलासा; 7 साइबर मास्टरमाइंड काबू

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके मोबाइल कॉल्स के पीछे छिपा एक बड़ा साइबर रैकेट भी हो सकता है? जी हां, देशभर में चल रहे SIM बॉक्स रैकेट का हाल ही में बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। ताइवानी नागरिक समेत 7 साइबर मास्टरमाइंड को पुलिस ने दबोच लिया है जो इस रैकेट के दिमाग थे। यह मामला न केवल साइबर सुरक्षा के लिहाज से बल्कि देश की टेलिकॉम इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है।

SIM बॉक्स रैकेट क्या है और ये कैसे काम करता है?

सबसे पहले बात करते हैं SIM बॉक्स रैकेट की। आसान भाषा में कहें तो, यह एक ऐसा जाल है जिसमें कई सिम कार्ड के जरिए फोन कॉल्स को धोखाधड़ी से रूट किया जाता है। ये रैकेट आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय कॉल्स को स्थानीय कॉल्स में कन्वर्ट करके कॉल टैरिफ बचाने की कोशिश करता है।

कैसे पता चलता है कि कॉल SIM बॉक्स रैकेट का हिस्सा है?

  • फोन कॉल के दौरान आवाज की गुणवत्ता अचानक बिगड़ना।
  • कॉन्फ्रेंस कॉल की तरह आवाज आना।
  • कॉल ड्रॉप या रुक-रुक कर आवाज आना।

अगर आप ये संकेत महसूस करें तो समझ जाइए कि कॉल SIM बॉक्स रैकेट के कारण प्रभावित हो रहा है।

देशभर में कैसे हुआ यह भंडाफोड़?

पुलिस और साइबर क्राइम सेल की मुनाशिब कार्रवाई ने इस रैकेट की परतें खोलीं। ताइवानी नागरिक समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया जो इस रैकेट के मास्टरमाइंड थे। इनकी पहचान एक-दूसरे से दूर कई शहरों और राज्यों में फैली हुई थी, लेकिन टीम ने डिजिटल ट्रेल का पीछा कर ये सफलता हासिल की।

गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारियां

  • रैकेट हजारों सिम कार्ड के जरिए कॉल रूट करता था।
  • टक्कर की टेलिकॉम कंपनियों को भारी नुकसान पहुंचा।
  • साइबर सुरक्षा के लिहाज से देश में चेतावनी का संकेत।

SIM बॉक्स रैकेट का किस प्रकार प्रभाव पड़ता है?

यह सिर्फ टेलिकॉम कंपनियों के लिए खतरा नहीं, बल्कि आम उपभोक्ताओं के लिए भी चिंता का विषय है। कॉल की गुणवत्ता खराब होती है, कॉल ड्रॉप्स बढ़ते हैं और टैरिफ के नियमों का उल्लंघन होता है।

सरकारी स्तर पर कदम: इस तरह के रैकेट्स पर कड़ी नजर रखी जाती है और लगातार जांच-पड़ताल की जाती है।

आप क्या कर सकते हैं?

अपने फोन कॉल्स और इंटरनेट के इस्तेमाल में सतर्क रहना जरूरी है। यदि आपको कोई संदिग्ध कॉल रिसीव होती है या कॉल की क्वालिटी अचानक खराब लगती है, तो इसे इग्नोर करें और संबंधित विभाग को सूचना दें।

  • अपने मोबाइल नंबर की सुरक्षा बढ़ाएं।
  • संदिग्ध लिंक या कॉल्स से सावधान रहें।
  • कभी भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।

निष्कर्ष: साइबर सुरक्षा की नई चुनौती

देशभर में चल रहे SIM बॉक्स रैकेट का भंडाफोड़ यह दिखाता है कि साइबर अपराध कितना संगीन रूप ले सकता है। ये हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि हमें अपने डिजिटल व्यवहार को सचेत और सुरक्षित बनाना होगा।

तो अब आप क्या सोचते हैं? क्या यह भंडाफोड़ टेलिकॉम इंडस्ट्री में बदलाव ला पाएगा? अपने विचार कमेंट में जरूर साझा करें और ऐसे अपडेट्स के लिए हमारे न्यूज़लेटर को सब्सक्राइब करें।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here