कभी सोचा है कि आपकी बेटी की गिरफ्तारी का भय, एक साइबर ठग आपको कैसे फंसाता है? यह कोई फिल्म का प्लॉट नहीं, बल्कि बिहार के पटना से आई एक चौकाने वाली खबर है। जब ठग एआई (Artificial Intelligence) की मदद से रोने की आवाज बनाकर डराने लगे तो सोचना पड़ा कि साइबर अपराधों ने कितना नया आयाम ले लिया है।
बिहारी साइबर ठगी की नई चाल: पुलिसवाला बनकर डराना
साइबर ठगों ने अब इस शैली को अपनाया है कि वे खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ितों को धमकाते हैं। हाल ही में पटना में भी एक मामले में ठग ने सबसे पहले पीड़ित के मन में डर पैदा किया, कि बेटी की गिरफ्तारी हो सकती है। इस डर को बढ़ाने के लिए उन्होंने एआई की मदद से रोने की आवाज सुनाई, जो सुनकर ग्राहक डर के मारे कांप उठा।
कैसे काम करता है यह ठगी का तरीका?
- पहला कदम: ठग फोन कर खुद को पुलिस अधिकारी बताता है।
- दूसरा कदम: बेटी की गिरफ्तारी की धमकी देता है, जिससे मानसिक दबाव बने।
- तीसरा कदम: एआई का उपयोग कर एक रोने वाली आवाज सुनाई जाती है, जो पीड़ित को और अधिक डराती है।
- चौथा कदम: आर्थिक दबाव में आकर पीड़ित ठगों की मांग मान लेता है।
बेटी की गिरफ्तारी का भय: एक साइबर ठगी का जाल
जब बात परिवार और सुरक्षा की आती है, तो कोई भी माता-पिता अपने सबसे प्यारे सदस्य की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। साइबर ठग इसी भावना का फायदा उठाते हैं। वे जानते हैं कि “बेटी की गिरफ्तारी का भय” जैसा डर तुरंत प्रभाव डालता है। इसीलिए वे ऐसे धमकी देते हैं जो सीधे दिल पर चोट करते हैं।
यहां देखें कैसे बचें इस ठगी से:
- कभी भी फोन पर आई धमकी को गंभीरता से लें, लेकिन पहले सही-सही जांच लें।
- अपने परिवार के सदस्यों को इस प्रकार की ठगी के बारे में जागरूक करें।
- यदि कोई ऐसी कॉल आता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल से संपर्क करें।
- फोन कॉल रिकॉर्ड करें, लेकिन बिना घबराए संभाल कर रखें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें।
जीवंत उदाहरण: एआई की मदद से डराने की कोशिश
आजकल एआई तकनीक ने न सिर्फ हमारी जिंदगी आसान बनाई है, बल्कि ठग भी इसका इस्तेमाल डर पैदा करने के लिए कर रहे हैं। रोने की आवाज सुनकर किसी का भी मन डगमगा सकता है। यह एक नई रणनीति है जो साइबर ठगों ने अपनाई है। इस पर नियंत्रण के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है।
क्या आप तैयार हैं?
साइबर ठगी के इस नये रूप से बचाव के लिए ज्ञान ही सबसे बड़ी रक्षा है। बेटी की गिरफ्तारी का भय और एआई की जादूगरी से डर कर किसी भी ठग को मौका न दें।
तो आप क्या सोचते हैं? क्या आपने या आपके परिचितों को कभी ऐसी ठगी का सामना करना पड़ा है? नीचे कमेंट में अपनी राय और अनुभव साझा करें!
जानकारी से लैस रहकर, हम सभी इस साइबर अपराध के खतरे को कम कर सकते हैं। अगर आपको यह लेख पसंद आया हो, तो हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें और हर नई जानकारी सबसे पहले पाएं।

